हिंदी व्याकरण में वाक्य के भेद – रचना और अर्थ के आधार पर सरल, संयुक्त, मिश्र तथा अन्य प्रकारों की आसान व्याख्या व उदाहरण सहित पूरी जानकारी।
हिंदी व्याकरण में वाक्य भाषा की सबसे महत्वपूर्ण इकाई है। शब्दों का ऐसा समूह जो पूर्ण अर्थ प्रकट करे, उसे वाक्य कहते हैं।
बोर्ड परीक्षा की दृष्टि से वाक्य के भेद एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है। आइए इसे सरल भाषा में विस्तार से समझते हैं।
✍️ वाक्य क्या है?
परिभाषा:
शब्दों का वह समूह जो पूर्ण अर्थ व्यक्त करे, उसे वाक्य कहते हैं।
उदाहरण:
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राम स्कूल जाता है।
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आज मौसम सुहावना है।
विद्यार्थी पाठशाला में पढ़ते हैं।
📚 वाक्य के भेद
हिंदी व्याकरण में वाक्य के भेद मुख्यतः दो आधारों पर किए जाते हैं:
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रचना के आधार पर
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अर्थ के आधार पर
1️⃣ रचना के आधार पर वाक्य के भेद
1. सरल वाक्य (Simple Sentence)
जिस वाक्य में एक ही कर्ता और एक ही क्रिया हो, उसे सरल वाक्य कहते हैं।
उदाहरण:
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सीता गाना गाती है।
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बच्चे खेल रहे हैं।
रात के समय लोग अपने-अपने घरों में सो जाते हैं।
सामाजिक समता का प्रश्न अहिंसा के मार्ग से सुलझेगा।
उनका खिला हुआ चेहरा मुरझा गया।
2. संयुक्त वाक्य (Compound Sentence)
जिस वाक्य में दो या दो से अधिक सरल वाक्य और, तथा, लेकिन, परंतु आदि योजकों से जुड़े हों, उसे संयुक्त वाक्य कहते हैं।
उदाहरण:
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राम पढ़ता है और श्याम खेलता है।
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मैं बाजार गया लेकिन दुकान बंद थी।
हेमंत ऋतु बीत गई तथा शिशिर ऋतु आ गई।
जाँच अधिकारियों ने कनस्तरों को ढूंढा, मटकों को ढूंढा, परंतु कहीं कुछ नहीं मिला।
बाबूजी खुद इंपाला का प्रयोग न के बराबर करते थे और वह किसी स्टेट गेस्ट के आने पर ही निकाली जाती थी।
3. मिश्र वाक्य (Complex Sentence)
जिस वाक्य में एक प्रधान उपवाक्य और एक या अधिक आश्रित उपवाक्य हों, उसे मिश्र वाक्य कहते हैं।
उदाहरण:
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वह लड़का जो खेल रहा है मेरा भाई है।
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मैंने सुना कि वह परीक्षा में प्रथम आया।
मैं वह सौगंध नहीं बेचूँगा, जो मेरा संस्कार बन गई।
उन्होंने रसोईयर की पीपियाँ टटोलों, जो खाली थीं।
अंतरी को जैसा कहा गया था, उसने वैसा ही किया।
2️⃣ अर्थ के आधार पर वाक्य के भेद
1. विधानवाचक वाक्य (Assertive Sentence)
जो वाक्य किसी तथ्य या सामान्य बात को बताता है।
उदाहरण:
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सूर्य पूर्व से उगता है।
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वह बहुत मेहनती है।
लिखने के पहले मैंने पढ़ना शुरू किया था।
यहाँ सरदी अच्छी है।
दो मिनट में गाड़ी आकर दरवाजे पर लग गई ।
2. प्रश्नवाचक वाक्य (Interrogative Sentence)
जिस वाक्य में किसी प्रकार का प्रश्न किया गया हो, उसे प्रश्नार्थक / प्रश्नवाचक वाक्य कहते हैं।
उदाहरण:
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तुम कहाँ जा रहे हो?
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क्या तुमने खाना खाया?
आप किसको अपना आदर्श मानते हैं?
क्या बाबूजी आ गए?
क्या ठंड भरे मौसम में आकाश के तारे पले दिखाई देते हैं?
3. आज्ञावाचक वाक्य (Imperative Sentence)
जिस वाक्य में किसी भी प्रकार की आज्ञा या प्रार्थना का बोध होता हो, आज्ञार्थक / आज्ञावाचक वाक्य कहते हैं।
उदाहरण:
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दरवाजा बंद करो।
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कृपया बैठ जाइए।
दीन-दरिद्रों को रहने के लिए घर का इंतजाम करो।
अब राजप्रथा मिटा दो।
मुझे हर सप्ताह एक पत्र मिलना ही चहिए।
4. विस्मयादिबोधक वाक्य (Exclamatory Sentence)
जिस वाक्य में हर्ष, शोक, विस्मय, घृणा आदि का बोध होता है, उसे विस्मयार्थक/ विस्मयादिबोधक वाक्य कहते हैं।
उदाहरण:
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वाह! कितना सुंदर दृश्य है।
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अरे! तुम यहाँ कैसे?
अच्छा! फूल अपनी गंध नहीं बेचेगा।
वाह! कैसी सुगंध है।
अहा! हमने बहाना सोच लिया ।
5. इच्छावाचक वाक्य (Optative Sentence)
जिस वाक्य में इच्छा, कामना, आशीर्वाद आदि का बोध होता है, उसे इच्छार्थक / इच्छावाचक वाक्य कहते हैं।
उदाहरण:
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भगवान तुम्हें सफलता दे।
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तुम्हारी यात्रा शुभ हो।
ऐसा काम करो कि देखने वाले देखते ही रह जाएँ।
प्रभु आपकी कामना पूरी करे।
मानू दीदी, आप सदा सुखी रहें।
6. संदेहवाचक वाक्य (Doubtful Sentence)
जिस वाक्य में संदेह या शंका का बोध होता है, उसे संदेहार्थक / संदेहवाचक वाक्य कहते हैं।
उदाहरण:
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शायद वह आज आए।
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संभव है कि वह बीमार हो।
अर्थ तो शायद मेरी कविताओं में आपको मिल जाए।
मानू के ससुरालवाले चिक व शीतलपाटी की प्रतीक्षा कर रहे होंगे।
शायद गरीब भूख की लाचारी से श्रम करता है ।
7. निषेधार्थक वाक्य :
जिस वाक्य में किसी बात के न होने या न करने का बोध होता हो, उसे निषेधार्थक/ निषेधवाचक वाक्य कहते हैं।
उदाहरण:
पहले हमें उदर की चिंता नहीं थी।
फूल अपना प्रतिबंध नहीं बेचेगा।
नागर जी के पिता जी सरकारी कर्मचारी नहीं थे।
8. संकेतार्थक वाक्य :
जिस वाक्य में संकेत या अपेक्षा का बोध होता है, संकेतार्थक / संकेतवाचक वाक्य कहते हैं।
उदाहरण:
अगर गाय दूध नहीं देगी तो इसका क्या करेंगे?
अगर अच्छा काम करोगे तो मोहर छापवाली धोती दूंगी।
चुपचाप पड़ा रहूँगा तो कोई मिलने वाला तंग नहीं करेगा।
🎯 परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण बिंदु
✔ रचना और अर्थ – दोनों आधारों को स्पष्ट समझें।
✔ उदाहरणों को याद रखें।
✔ वाक्य पहचानने का अभ्यास करें।
✔ प्रश्नपत्र में अक्सर वाक्य का भेद पहचानो या वाक्य बदलो प्रकार के प्रश्न आते हैं।
📌 निष्कर्ष
वाक्य के भेद हिंदी व्याकरण का अत्यंत महत्वपूर्ण अध्याय है। यदि विद्यार्थी इसे अच्छे से समझ लें, तो वे परीक्षा में आसानी से पूर्ण अंक प्राप्त कर सकते हैं। नियमित अभ्यास और उदाहरणों के माध्यम से इस विषय में महारत हासिल की जा सकती है।

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